भारत में उच्च न्यायालयों की स्थापना हेतु ब्रिटिश संसद ने 9 अगस्त 1861 को भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 पारित किया इस अधिनियम ने ब्रिटेन की महारानी को कलकत्ता ,मद्रास और बम्बई में उच्च न्यायालय की स्थापना हेतु प्राधिकृत किया , ब्रिटेन की महारानी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की स्थापना हेतु लेटर्स पेटेंट 17 मार्च 1866 को जारी किया । चार्टर एक्ट 1833 के तहत मद्रास और बम्बई में लेजिस्लेटिव कौंसिल की स्थापना किया गया । इस चार्टर एक्ट में 1834 में संशोधन कर भारत की चौथी प्रेसिडेंसी आगरा में स्थापित किया गया था । हाई कोर्ट आगरा में 1866 से 1869 ई ० तक रहा था । सं ० 1869 में उच्च न्यायालय आगरा से इलाहाबाद लाया गया और सरोजनी नायडू मार्ग ईमारत में सं ० 1916 तक कार्य करता रहा जहां पर वर्तमान समय में ऊ 0 प्र 0 राजस्व परिषद का मुख्यालय कार्यरत है । इलाहाबाद उच्च न्यायालय की वर्तमान ईमारत की आधारशिला 18 मार्च 1911 को रखी गयी थी इस ईमारत में 27 नवंबर 1916 में न्यायिक कार्य प्रारम्भ हुआ जो अभी तक जारी है ।
Monday, August 10, 2015
इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थापना का 150 वां वर्ष
भारत में उच्च न्यायालयों की स्थापना हेतु ब्रिटिश संसद ने 9 अगस्त 1861 को भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 पारित किया इस अधिनियम ने ब्रिटेन की महारानी को कलकत्ता ,मद्रास और बम्बई में उच्च न्यायालय की स्थापना हेतु प्राधिकृत किया , ब्रिटेन की महारानी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की स्थापना हेतु लेटर्स पेटेंट 17 मार्च 1866 को जारी किया । चार्टर एक्ट 1833 के तहत मद्रास और बम्बई में लेजिस्लेटिव कौंसिल की स्थापना किया गया । इस चार्टर एक्ट में 1834 में संशोधन कर भारत की चौथी प्रेसिडेंसी आगरा में स्थापित किया गया था । हाई कोर्ट आगरा में 1866 से 1869 ई ० तक रहा था । सं ० 1869 में उच्च न्यायालय आगरा से इलाहाबाद लाया गया और सरोजनी नायडू मार्ग ईमारत में सं ० 1916 तक कार्य करता रहा जहां पर वर्तमान समय में ऊ 0 प्र 0 राजस्व परिषद का मुख्यालय कार्यरत है । इलाहाबाद उच्च न्यायालय की वर्तमान ईमारत की आधारशिला 18 मार्च 1911 को रखी गयी थी इस ईमारत में 27 नवंबर 1916 में न्यायिक कार्य प्रारम्भ हुआ जो अभी तक जारी है ।
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