Friday, February 26, 2016

हाईकोर्ट परिसर में गुटखा सिगरेट के सेवन पर रोक-हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद

टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज चतुर्वेदी की सलाह से प्रभावित होकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कोर्ट परिसर में गुटखा, पान मसाला व सिगरेट लाने व सेवन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अगर हाईकोर्ट परिसर में किसी के पास भी ये मादक पदार्थ पाए गए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


 दरअसल शुक्रवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएन की तरफ से लाइब्रेरी हाल में कैंसर रोग पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। इसमें मुख्य वक्ता डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि 50 फीसदी कैंसर तम्बाकू, गुटखा, अल्कोहल, जंक फूड व सुपारी के सेवन से होते हैं। इस दौरान वहां पर मौजूद मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति वीके शुक्ला, न्यायमूर्ति एससी त्रिपाठी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत त्रिपाठी, महासचिव अशोक कुमार सिंह आदि ने विशेषज्ञ की बात मानते हुए मादक पदार्थो पर रोक लगा दी।

Monday, September 14, 2015

हाईकोर्ट बार की नई वेबसाइट के हिन्दी और अंग्रेजी वर्जन का उद्घाटन -हिन्दी दिवस



हिन्दी दिवस समारोह में  हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय यशवंत चंद्रचूड ने न्यायमूर्ति सुधीर नारायण के काव्य संग्रह ‘सुर सरिता’ का विमोचन किया। मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय यशवंत चंद्रचूड ने कार्यकारिणी  सदस्य कृष्ण मनोहर तिवारी के द्वारा तैयार की गई  हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नई  वेबसाइट(www. hcbaallahabad.in ) के हिन्दी और अंग्रेजी वर्जन का भी उद्घाटन किया। न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने अपने काव्य संग्रह के विषय में बताया कि आठ वर्षों की साधना केबाद उन्होंने यह काव्य संग्रह तैयार किया। उन्होंने अपने वकालत और जज के तौर पर हाईकोर्ट में बिताए गए समय को भी याद किया।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय यशवंत चंद्रचूड ने कहा है कि हिन्‍दी राष्ट्र भाषा है, यह हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है।हिन्दी मात्र भाषा ही नहीं बल्कि मानवता का एहसास भी है ।  उन्होंने मुंबई हाईकोर्ट का एक दृष्टांत बताते हुए कहा कि अंग्रेजी हमारी अपनी भाषा नहीं है। जबकि हिन्‍दी हमारी संस्कृति का प्रतीक है यह हमें अपने अस्तित्व का बोध कराती है। मुख्य न्यायमूर्ति हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित हिंदी दिवस समारोह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस मौके पर हिन्‍दी में काम करने वाले अधिवक्ता शशिकांत कुशवाहा, सुधीर कुमार सिंह, उत्तम कुमार गोस्वामी, अनिल पाठक, देवेंद्र कुमार तिवारी, मो. हसन जैदी, श्रीरंग पांडेय, विधू भूषण शुक्ल, राजनारायण पांडेय, कंदर्प श्रीवास्तव, विनोद सिंह, उत्पल निषाद, जनार्दन यादव, संजय पाठक, विजांत नीरज, चंद्रकेश मिश्र, पुष्पेंद्र सिंह तोमर, अशोक त्रिवेदी और अशोक कुमार सिंह यादव को सम्मानित किया गया।
समारोह में न्यायमूर्ति अरुण टंडन, न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता के अलावा बार के अध्यक्ष राधाकांत ओझा और उपाध्यक्ष  सुनील कुमार सिंह मिंटू , आनंद मोहन पांडेय , बृजेंद्र कुमार पांडेय , रुचिर श्रीवास्तव  और सिपाहीलाल शुक्ल,संयुक्त सचिव प्रशासन  सुधीर कुमार चंद्रौल, संयुक्त सचिव लाइब्रेरी  रणविजय सिंह  संयुक्त सचिव प्रेस बने जनार्दन यादव  संयुक्त सचिव  महिला हिमकन्या श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष  राजीव शुक्ल । कार्यकारिणी के सभी सदस्य विवेक मिश्र , अजय कुमार मिश्र , अजीत सिंह , योगेंद्र प्रताप सिंह , गोविंद नारायण तिवारी , मनोज कुमार मिश्र , आशीष कुमार मिश्र , अजय कुमार द्विवेदी , अमित कुमार श्रीवास्तव, दिनेश वरुण , संतोष कुमार निगम , आनंद शंकर दुबे , मुकुल पांडेय , कृष्ण मनोहर तिवारी , इंदुभूषण त्रिपाठी  गवर्निग काउंसिल सदस्य मौजूद थे। महासचिव अशोक कुमार सिंह ने हिंदी पर व्याख्यान दिया। धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ उपाध्यक्ष दयाशंकर मिश्र ने किया।





Sunday, September 13, 2015

हिन्दी दिवस के अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा लाईब्रेरी हाल में सायं ०४:१५ बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा


कृष्ण मनोहर तिवारी
(कार्यकारणी सदस्य हाईकोर्ट बार एसोसिएशन)
दिनांक १४.०९.२०१५  दिन सोमवार   को हिन्दी दिवस  के अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन  द्वारा  लाईब्रेरी हाल  में  सायं  ०४:१५  बजे कार्यक्रम  का आयोजन  किया  जायेगा  जिसमे माननीय मुख्य  न्यायमूर्ति  डॉ0  डी 0 वाई 0 चन्द्रचूड़  जी ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित  होने की अपनी सहमती प्रदान की है । उक्त कार्यक्रम में माननीय न्यायमूर्ति  सुधीर नारायण  जी  की  पुस्तक का  विमोचन  भी विषय प्रवर्तन द्वारा  माननीय न्यायमूर्ति विमलेश कुमार शुक्ल  जी  के कर कमलों द्वारा किया जायेगा । उक्त अवसर पर हिन्दी में उत्कृष्ट  योगदान  देने वाले अधिवक्तागणों  को सम्मानित किया जायेगा ।

                               उक्त कार्यक्रम  में  हाईकोर्ट इलाहाबाद के  समस्त  माननीय न्यायमूर्तिगणों  के साथ -साथ महाधिवक्ता ,अपर महाधिवक्ता ,शासकीय अधिवक्ता , मुख्य स्थायी अधिवक्ता सहित वरिष्ठ अधिवक्ताओं ,पूर्व पदाधिकारी(हाईकोर्ट बार एसोसिएशन) ,सभी अधिवक्तागण एवं समस्त दैनिक  समाचार पत्रो  के मुख्य  संपादकों /फोटोग्राफरों  को  भी आमंत्रित किया गया है । 

Thursday, August 20, 2015

इलाहाबाद हाईकोर्ट क्रिमिनल लॉ प्रैक्टिशनर एसोसिएशन की ओर से आयोजित समारोह में न्यायमूर्ति अमर सरन एवं न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह का स्वागत किया


इलाहाबाद हाईकोर्ट में फौजदारी मामलों के वकीलों ने गुरुवार रात एक सादे समारोह में न्यायमूर्ति अमर सरन एवं न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह का स्वागत किया। वकीलों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वीएम जैदी ने कहा कि दोनों न्यायमूर्तियों को बार ने जिस काम के लिए भेजा था, उन्होंने उसे शानदार अंजाम दिया और रिटायर होकर फिर बार में आए हैं इसलिए हम उनका स्वागत कर रहे हैं।क्रिमिनल लॉ प्रैक्टिशनर एसोसिएशन की ओर से आयोजित समारोह में जस्टिस रवींद्र सिंह ने कहा कि यहां का बार कानूनी तौर पर देशभर में सबसे मजबूत है। उन्होंने कहा कि कई क्रिमिनल लॉ प्रैक्टिशनर ऐसे हैं, जो बेंच में गए तो न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के साथ न्याय पालिका और बार का गौरव बढ़ा सकते हैं। जस्टिस अमर सरन ने कहा यह समारोह साबित करता है कि यहां के वकीलों का कानूनी ज्ञान ही नहीं बेहतर है, उनका दिल भी बड़ा है। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी व वीपी श्रीवास्तव ने दोनों न्यायाधीशों की कार्यशैली का सराहना की। अंत में दोनों न्यायाधीशों को स्मृतिचिह्न प्रदान किया गया। रवींद्र शर्मा ने संचालन का दायित्व निभाया। समारोह में एसोसिएशन के विष्णु शरण सिंह पुजारी, आईके चतुर्वेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेश मिश्र व एमसी चतुर्वेदी, ब्रजेश सहाय, अपर महाधिवक्ता इमरान उल्लाह, शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह, पूर्व शासकीय अधिवक्ता डीआर चौधरी, श्रीमती प्रवीण शुक्ला, आशुतोष तिवारी, विमलेंदु त्रिपाठी, अश्विनी कुमार ओझा, मोहित सिंह आदि उपस्थित रहे।

Wednesday, August 19, 2015

देश में सबसे ज्यादा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के पद खाली






                       कानून मंत्रालय की ओर से 1 अगस्त तक के आकड़ो के अनुसार इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के कुल 160 पद स्वीकृत है जब की वर्तमान समय में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की सख्या 76 है यानी 84 पद रिक्त है । यह आकड़ा तब बदल गया जब हमारे माननीय न्यायमूर्ति  राजेस  कुमार  जी 14 अगस्त 2015  को सेवानिवृत्ति हुए । वर्तमान समय में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या 75 हो गयी  है जो आधे  से भी कम है ।  न्यायाधीशों  की  कमी के कारण  वादकारियों को न्याय नही मिल पा रहा है ।न्यायाधीशों के स्वीकृत पद पुरा करने के लिए न्यायपालिका  और कार्यपालिका दोनों से इलाहाबाद  उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओ की  यह माग है की तत्काल वादकारियों के हित को ध्यान में रखते हुए खाली पदो को भरा जाये । 

Wednesday, August 12, 2015

एक सितंबर से शुरू होगा एफिडेविट सेंटर

एक सितंबर से शुरू होगा एफिडेविट सेंटर
अमर उजाला पेज न-4 
 बुधवार 12 अगस्त 2015
इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट का एफिडेविट सेंटर एक सितंबर से पूरी तरह से सक्रिय कर दिया जाएगा। इसके बाद वादकारियों को हाईकोर्ट आकर हलफनामा पर दस्तख़त करना और फोटो खिंचवाना अनिवार्य हो जाएगा। यह निर्णय हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एक बैठक में मंगलवार को लिया गया। अध्यक्ष आरके ओझा और महासचिव अशोक कुमार सिंह सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने निर्णय लिया है कि एफिडेविट सेंटर चलाने के लिए 20 दिन का और समय दिया जाए तथा एक सितंबर से इसे अनिवार्य कर दिया जाए। यह जानकारी बार के संयुक्त सचिव प्रेस जर्नादन यादव ने दी है।